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आठ साल के अगोरा अब होही खत्म, सौम्या अऊ गौरी ल मिलही जीवनसाथी.. कोन ए दूनों, पढ़व खबर

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Saumya and Gauri will get friends

दुर्ग. भिलाई के मैत्रीबाग म सौम्या अऊ गौरी के अब दिन बहुरईया हे, काबर कि करीब 8 साल बाद एक घांव फेर उहां बब्बर शेर के दहाड़ गूंजही। सौम्या अऊ गौरी ह सिंहनी हे फेर अतेक साल ले अकेल्ला रेहे के बाद एक घांव फेर प्रबंधन ह एखर मन के कुनबा बढ़ाए बर राजकोट ले एक बब्बर शेर लाए के योजना म काम करत हे। एखरे संगे-संग सौम्या अऊ गौरी ल साथी घलो मिल जही।

राजकोट ले सिंह लाए के प्रक्रिया ल जल्द से जल्द पूरा कर ले के उम्मीद हे। एखर बदला मैत्रीबाग ले राजकोट ल लकड़बग्घा अऊ बारहसिंघा दे जाही। एखर बर दूनों जगह के जू अथॉरिटी के अधिकारी मन के बीच लिखा-पढ़ी के दौर घलो शुरू हो गे हे। आदान-प्रदान के प्रक्रिया ल जल्दी ही करे के उम्मीद जताए जात हे।

बता देन कि मैत्रीबाग म पहिली एक ठन बब्बर शेर रिहिस जेखर नाव शंकर रखे गे रिहिस। शंकर ल गुजरात ले लाए गे रिहिस। कुछ दिन बाद ओहा हमेशा बीमार रहे ल लग हे। ओला लकवा मार दे रिहिस एखर सती हमेशा बईठे रहय। अईसे म मैत्रीबाग में सिंह के परिवार ह घटन लागिस।

अभी के बेरा म सिरिफ दो सिंहनी हाबे जेमा ले गौरी नाम के सिंहनी के काफी उमर हो गे हे। अभी सौम्या ठीक हे। जू अथॉरिटी ल सौम्या ले ही जादा उम्मीद हे कि मैत्री बाग म सिंह परिवार ओखरे ले बाढ़ही। मैत्रीबाग म सिंह नस्ल के संख्या बढ़ाए बर कृत्रिम गर्भाधान के घलो योजना बनाए गे रिहिस।

एखर बर गिर के जंगल म पाए जाने वाला सिंह के शुद्ध नस्ल मन उपर नजर रिहिस। जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ले कृत्रिम गर्भाधान बर सिंह के सीमेन लाए बर विचार-विमर्श करे गिस। एखर ले सिंहनी मन के गर्भवती होए के संभावना थोड़किन कम रिहिस अऊ ऐमा रिस्क जादा अऊ खर्चा घलो जादा रिहिस। बाद म योजना ल बदल के अदला-बदली वाला योजना बर फइसला ले गिस।

गुजरात के गिर अभ्यारण म सिंह अऊ सिंहनी के तादात अब्बड़ हे। एला देखत मैत्रीबाग संचालक मन गिर अभ्यारण के अधिकारी मन ले सिंह के बदला लकड़बग्घा अऊ बारहसिंघा दे के प्रस्ताव रखिन। उहां के अधिकारी मन ऐ बात म रुचि दिखाईन अऊ बातचीत के दौर पूरा हो गे हे। अब आधिकारिक कार्रवाई भर ह बांचे हे।

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