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कलयुग के अर्जुन, हाथ ले न ही, पांव ले साधथे अचूक निसाना, जेन देखथे ओ दंग रहि जाथे

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हाथ के भार उल्टा खड़े होके, पांव ले अचूक निसाना साधिस ये धनुरधारी लइका, सब रहिगे दंग

महासमुंद। जेन भी देखिस दंग रहिगे। कथा-पुरान के धनुरधारी मन के सुरता आगे। छत्तीसगढ़ के महासमुंद के ये लइका के धनुस विद्या ला देख के बिस्वास नई होत रिहिस कि आज के समय म घलो अइसन धनुरधारी हो सकथे, जेन हा जइसन चाहे वइसन ढंग ले धनुस बान म अचूक निसाना लगा सकथे।

महासमुंद जिला मुख्यालय के तीर म कोसरंगी गांव हे, जिहां ‘आर्ष ज्योति गुरूकुल’ नाम के आश्रम हे। इतवार के ये आश्रम म रहइया लइका मन के उपनयन संस्कार के कार्यक्रम होईस। ये मउका म लइका मन अपन योग विद्या के अइसे कमाल देखाईन, जेला देखके लोगन मन अचरज म पर गें। एक झन ब्रम्हचारी लइका हा हाथ के भार भुंइयां म उल्टा खड़े होगे, माने तरी मूड़ अउ ऊपर गोड़, अइसन स्थिति म पांव के सहारा धनुस म बान चढ़ाके, अइसे बान चलाईस कि सीधा निसाना म जाके लगिस।

आश्रम के ये लइका के धनुस विद्या ला देखके कार्यक्रम म सकलाए बड़े-बड़े नेता, पत्रकार अउ नागरिक मन दंग रहिगें। सबो झन वो लइका के खूब वाहवाही करिन।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक विनोद चंद्राकर हा ओकर सम्मान करिन। अउ किहिन कि एक डाहर हमन पास्चात्य संस्कृति कोती भागत हंन अउ अपन संस्कृति ला भुलावत हंन, उंहें दूसर देस के लोगन मन भारतीय संस्कृति ल अपनावत हें। अइसे समय म ये आश्रम हा पुरातन गुरूकुल परंपरा ला जीवित रखे हुए हे, जउन हा तारीफ के काबिल हे। गुरूकुल आश्रम म लइका मन ला अनुसासित अउ संस्कारवान बनाए जावत हे।

विधायक हा लइका मन के उज्जवल भविस्य के कामना करत कहिन कि लक्ष्य बनाके कड़ा मेहनत करव, गुरुजन के सम्मान करव, सफलता जरूर मिलही।

ये मउका म बिसेस अतिथि पूर्व जनपद अध्यक्ष भागीरथी चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य गोविंद साहू, गौरव चंद्राकर, अनवर हुसैन, श्री पाठक, राजेंद्र दुबे, जीवन यादव, अजय साहू आदि मौजूद रिहिन। कार्यक्रम के संचालन आचार्य कोमल हा करिन। विधायक विनोद चंद्राकर हा इहां 5 नग पंखा दे के घोसना करिन अउ हरसंभव सहयोग के भरोसा दीन। भागीरथी चन्द्राकर समेत कई अउ लोगन मन घलो आश्रम ल पंखा दे के घोसना करिन।

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